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New  छत्तीसगढ़ कलार महासभा ( युवा विंग ) के तत्वाधान में होगा युथ फेस्ट जिसका अध्यक्षता करेंगे छत्तीसगढ़ कलार महासभा के कार्यकारी युवा अध्यक्ष राजीव डनसेना    New  महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर कलार महोत्सव की तैयारियां 11 मार्च 2021 स्थान बरगढ़ - खरसिया जिला रायगढ़ छत्तीसगढ़    

छत्तीसगढ़ कलार महासभा

कलार शब्द का शाब्दिक अर्थ है मृत्यु का शत्रु, या काल का भी काल, अर्थात हैहय वंशियों को बाद में काल का काल की उपाधि दी जानें लगी जो शाब्दिक रूप में बिगड़ते हुए काल का काल से कल्लाल हुई और फिर कलाल और अब कलार हो गई.

          आज भगवान् सहस्त्रबाहू की जयंती सम्पूर्ण हिन्दू समाज मनाता है. भगवान् सहस्त्रबाहू को वैसे तो सम्पूर्ण सनातनी हिन्दू समाज अपना आराध्य और पूज्य मान कर इनकी जयंती पर इनका पूजन अर्चन करता है किन्तु हैहय कलार समाज इस दिवस को विशेष रूप से उत्सव-पर्व के रूप में मनाकर भगवान् सहस्र्त्रबाहू की आराधना करता है. भगवान् सहस्त्रबाहू के विषय में शास्त्रों और पुराणों में अनेकों कथाएं प्रचलित है.  किंवदंती है कि, राजा सहस्त्रबाहू ने विकट संकल्प लेकर शिव तपस्या प्रारम्भ की थी एवं इस घोर तप के दौरान वे के प्रतिदिन अपनी एक भुजा काटकर भगवान भोले भंडारी को अर्पण करते थे इस तपस्या के फलस्वरूप भगवान् नीलकंठ ने सहस्त्रबाहू को अनेकों दिव्य, चमत्कारिक और शक्तिशाली वरदान दिए थे.

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कल्चुरी  वंश का इतिहास- एक झलक

छत्तीसगढ़ के प्राचीन इतिहास में हैहय वंश , कल्चुरी राजवंश का प्रमुख स्थान रहा। इस अतिप्राचीन राजवंश का आदि स्थान पहले महीष्मति और पश्चात जबलपुर के निकट त्रिपुरी था। इसी त्रिपुरी के कल्चुरी राजवंश की एक लहुरी शाखा ने कालांतर में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापित किया। मध्य प्रांत का पूर्वी हिस्सा महाभारत काल में महा...
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